SEO kya hai : और SEO कैसे करते हैं?

दोस्तों एक बार फिर से आपका स्वागत है, आपके अपने ब्लॉग HindiOnlineGyan मे। आज के इस बेहतरीन ब्लॉग हम जानेंगे seo kya hai . दोस्तों अगर आप Blogging से थोड़ा सा भी लगाव रखते है तो आपको Search Engine Optimization के बारे में जरुर से पता होगा।

आज का युग इंटरनेट का युग हो गया है और इस इंटरनेट के समय में सभी लोग अपना बिजनेस डिजिटल तरीके से करना चाहते हैं। और इस इंटनेट के युग में हर कोई यह जानना चाहता है कि seo kya hai?

तो हमें अपने business को digitally करने के लिए जरूरत पड़ती है एक वेबसाइट की। और उस वेबसाइट को इंटरनेट पर एक अच्छी position पर rank कराने के लिए हमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की जरूरत पड़ती है।

और आजकल सभी लोग इसके के बारे में जानना चाहते है। जो लोग इंटरनेट की दुनिया  से जुड़े हैं, हो सकता है  कुछ लोग इसके बारे में already जानते हो।

आज हम इस आर्टिकल से आपको SEO की सारी जानकारी देने वाले हैं इस आर्टिकल को read करने के बाद मुझे लगता है कि आपको इसके बारे में कोई और आर्टिकल पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। तो हम सबसे पहले जानेंगे की इसकी की शुरुआत कैसे हुई?

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का इतिहास | History of Search Engine Optimization

सबसे पहली वेबसाइट सन 1991 में बनी थी, उसके बाद 1-2 साल अन्दर ही इंटरनेट पर बहुत सारी वेबसाइट बन गई। जिसके बाद इंटरनेट पर बहुत सारा content हो गया। और यह जो content था वह एक field का नहीं था|

वह multiple niche का होने के कारण Users को content सर्च करने में problem होने लगी। जिसके बाद content को filter करने के लिए google के संस्थापक लेरी पेज और सर्गी  ब्रिन ने मिलकर एक algorithm का आविष्कार किया।

जिसकी बजह से वेबसाइट को rank कराने में बहुत help मिली । but Google पर SEO का सही use 1998 से शुरू हुआ था।

SEO kya hai : (SEO की परिभाषा)

अगर हम सरल भाषा में समझे तो इसका मतलब किसी भी वेबसाइट को Search Engine में अच्छी पोजीशन पर रैंक कराना होता है। अपनी website को किसी भी सर्च इंजन के First Page पर Rank कराने के लिए जो भी steps की जरूरत पड़ती है साधारण भाषा में वही SEO कहलाता है।

SEO के प्रकार

  • Technical SEO
  • On page SEO
  • Off-page SEO

1. Technical SEO

Technical SEO के माध्यम से हम अपनी वेबसाइट को अच्छी तरह से manage करते हैं जिसका सीधा असर हमारी वेबसाइट पर आए users पर पड़ता है क्योंकि जब हमारी वेबसाइट टेक्निकल तरीके से ऑप्टिमाइज की गई होगी तो हमारी वेबसाइट देखने में अच्छी लगेगी और हमारे यूजर्स को भी आकर्षित करेगी।एलेक्सा के seo ऑडिट टूल का उपयोग करके अपने तकनीकी seo की स्थिति पर जांच करने का एक आसान तरीका है।

2. On Page SEO

हम आपको बता दें जो हमारी वेबसाइट पर पेज या आर्टिकल होते हैं उन्हीं को optimize करके google पर रैंक कराना on page seo कहलाता है। on page seo के काफी factors होते है जिसे हम आपको details में समझाएंगे।

• Website speed on page seo में सबसे पहले हमें अपनी वेबसाइट की loading स्पीड ठीक रखना चाहिए क्योंकि जब कोई यूजर आपकी वेबसाइट पर आएगा तो आपकी वेबसाइट को खुलने में 4 से 5 सेकंड का समय लगना चाहिए यदि इससे ज्यादा समय लगता है तो यूजर किसी और वेबसाइट पर चला जाता है जिसका असर आपके ट्रैफिक पर पड़ता है।

आप अपनी वेबसाइट की loading स्पीड अभी चेक करने के लिए click करे।

• Mobile friendly website आज के समय में कंप्यूटर या लैपटॉप की अपेक्षा स्मार्टफोन का उपयोग बहुत ज्यादा हो रहा है जिसका सीधा कारण है।लगभग 70% ऑर्गेनिक ट्रेफिक केवल मोबाइल के जरिए आता है। इसीलिए हमें अपनी वेबसाइट को mobile friendly बनाना बहुत जरूरी है।

अगर आपकी वेबसाइट mobile friendly है या नहीं तो अभी चेक करने के लिए click करे।

• Title and Meta description आजकल बहुत सारे नए ब्लॉगर जब कोई आर्टिकल अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर डालते हैं। तो वह यह चेक नहीं करते हैं। कि हमारा जो आर्टिकल है उसका title और Meta description कैसा दिखाई देगा। जोकि बहुत जरूरी होता है। क्योंकि यूजर को सबसे पहले आपकी वेबसाइट का टाइटल और मेटा डिस्क्रिप्शन ही दिखाई देता है। जिसके बाद वह आपकी वेबसाइट पर आता है।

दोस्तों आपको अपनी वेबसाइट का title और meta description चेक करना है तो यहां click करें।

• Main keywords जिस कीवर्ड पर आर्टिकल लिखते हैं। उस आर्टिकल में कम से कम 1000 से 1500 words होने चाहिए और उन सारे words का लगभग 0.5% main कीवर्ल्ड होना जरूरी होता है। हमें आपने अर्टिकल में सेकेंडरी कीवर्ड का लगभग 2.5% कीवर्ड use करना चाहिए जिससे हमारे article के रैंक होने के chance और बढ़ जाते है।

• Key word research हम जानते हैं कि किसी भी आर्टिकल को रैंक कराने के लिए एक कीवर्ड की जरूरत होती है। जिस कीवर्ड पर वह आर्टिकल रैंक करता है। इसीलिए हमें सबसे महत्वपूर्ण कीवर्ड रिसर्च होता है।

जो कि आप कई तरह के टूल का यूज करके कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं। लेकिन कीवर्ड रिसर्च करने के लिए हमें प्रीमियम टूल का ही यूज़ करना चाहिए। जैसे SEMrush, Ahrefs, Keywords Everywhere आदि।

• Interlinking जब हम अपनी वेबसाइट के लिए कोई भी आर्टिकल लिखे तो हमें उस आर्टिकल के बीच-बीच में Interlinking करनी चाहिए। Interlinking करने से आपकी वेबसाइट पर यूजर ज्यादा से ज्यादा क्लिक करता है जिसका फायदा आपको मिलता है और यूजर को भी ज्यादा जानकारी पढ़ने को मिलती है।

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3.Off Page SEO

Off page SEO, Search Engine Optimization का बहुत ही महत्वपूर्ण Part होता है। off page SEO में सारा काम हमें अपने Blog के बाहर ही करना होता है। means हमें दूसरे popular blogs or websites में guest posting करके या commenting इन करके अपने blog का promotion करना होता है। जिसे Off page SEO कहते हैं।

Off page SEO में main role Backlinks का होता है। दरअसल यह commenting और यह guest posting करने का main मकसद अपने वेबसाइट के URL को दूसरी popular वेबसाइट में डालना होता है। जिससे दूसरी बड़ी वेबसाइट के visitors हमारी वेबसाइट पर आते हैं।

Social Media पर अपनी वेबसाइट के नाम से popularity बढ़ाना भी Off oage SEO के अंतर्गत ही आता है।

Ways of Off page SEO

  • Guest Post
  • Pinterest
  • Blog Commenting
  • Classified Submission
  • Q & A Sites
  • Social Media
  • Directory Submission

मुझे उम्मीद है कि आपको मेरे द्वारा लिखी गई ये पोस्ट जरूर अच्छी लगी होगी। यदि अच्छी लगी तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों अपने रिश्तेदारों के साथ शेयर करें। यदि आपके मन में कोई और सवाल है तो आप हमें comments करके पूछ सकते है। हमें आपके comments का इंतजार रहेगा।……………धन्यवाद

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